पीली सरसों से भूत प्रेत भगाने का मंत्र: विधि

अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर, 2026

घर में अजीब बेचैनी, लगातार झगड़े या बुरे साए का अहसास — ऐसे में हमारे दादी-नानी के जमाने से एक उपाय चला आ रहा है: पीली सरसों। पीली सरसों से भूत प्रेत भगाने का मंत्र और टोटका क्या है? मान्यता के अनुसार कपूर के साथ सरसों जलाकर घर में घुमाने, रविवार को ईशान कोण में सरसों रखने और नजर उतारने के विशेष प्रयोगों से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह लेख इन्हीं पारंपरिक विधियों, मंत्र जाप और सावधानियों की पूरी जानकारी देता है — लेकिन पहले एक जरूरी बात: ये सभी लोक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक तथ्य नहीं।

त्वरित उत्तर: पीली सरसों से भूत प्रेत भगाने की सबसे प्रचलित विधि है — कपूर के साथ पीली सरसों जलाकर पूरे घर में घुमाएं। इसके अलावा रविवार को कांच की कटोरी में सरसों भरकर ईशान कोण में रखें, पीले कपड़े में सरसों की पोटली मुख्य द्वार पर बांधें, और नजर उतारने के लिए सरसों को व्यक्ति के ऊपर से सात बार उल्टा घुमाएं। ये सभी वास्तु और तंत्र शास्त्र की पारंपरिक मान्यताएं हैं।
मुख्य तथ्य:
  • रविवार — ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में कांच की कटोरी में पीली सरसों रखने का दिन
  • 7 बार — नजर उतारते समय सरसों को व्यक्ति के ऊपर से उल्टा घुमाने की संख्या
  • कपूर + सरसों — घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का सबसे प्रचलित संयोजन
  • पीला कपड़ा — सरसों की पोटली मुख्य द्वार पर बांधने की पारंपरिक विधि
  • तंत्र शास्त्र — जिसमें सरसों के दाने को नकारात्मक शक्ति दूर करने वाला माना गया है

पीली सरसों से भूत प्रेत भगाने का मंत्र क्या है? लोक परंपरा में सरसों के प्रयोग के साथ हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र या “ॐ हं हनुमते नमः” जैसे रक्षा मंत्रों का जाप किया जाता है। कोई एक निश्चित “सरसों मंत्र” शास्त्रों में निर्धारित नहीं है — टोटके के साथ अपनी आस्था के अनुसार रक्षा मंत्र का जाप करने की परंपरा है।

पीली सरसों में ऐसी क्या शक्ति मानी जाती है?

Peeli sarson seeds close up — peeli sarson me kya shakti mani jati hai (Wikimedia Commons)
Mustard (sarson) seeds up close — in folk tradition their sharp, fiery nature is believed to drive away negative forces. Photo: Wikimedia Commons.

वास्तु शास्त्र और तंत्र शास्त्र में पीली सरसों को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और दूर भगाने वाला माना गया है। मान्यता है कि सरसों के छोटे-छोटे दाने घर की बुरी शक्तियों, नजर दोष और कलह-क्लेश को दूर करते हैं। यही कारण है कि नए घर में प्रवेश से पहले कोनों में सरसों छिड़कने, पूजन स्थल पर सरसों की पोटली रखने और कार्यस्थल पर सरसों जलाकर दिखाने जैसे टोटके पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। प्रमुख आध्यात्मिक प्रकाशनों में भी इन उपायों का विस्तार से वर्णन मिलता है।

एक बात साफ समझ लें: सरसों जलाने से धुआं और तेज गंध फैलती है, जिससे वातावरण में एक तरह की सतर्कता और शुद्धता का अहसास होता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से यही “शुद्धिकरण का अहसास” टोटके को असरदार महसूस कराता है। आस्था अपनी जगह है, लेकिन इसे चिकित्सा या सुरक्षा का विकल्प न समझें।

कपूर और सरसों का टोटका कैसे करें?

Kapoor aur sarson ka totka — camphor flame on a brass thali (scene illustration)
Camphor and mustard together on one thali — the pairing this totka is built around. Scene illustration.

यह सबसे प्रचलित विधि है। अगर आपको लग रहा है कि घर में भूत-प्रेत जैसी बुरी शक्ति का साया है या लगातार नकारात्मकता महसूस हो रही है, तो यह प्रयोग किया जाता है:

  • एक मिट्टी के दीये या हवन कुंड में कपूर के साथ एक मुट्ठी पीली सरसों रखें।
  • अपनी आस्था के अनुसार हनुमान चालीसा या रक्षा मंत्र का जाप करते हुए इसे जलाएं।
  • जलती हुई सामग्री को एक थाली में रखकर पूरे घर में घुमाएं — हर कमरे, कोने और मुख्य द्वार तक जाएं।
  • मान्यता है कि इससे घर की नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और सुख-शांति बनी रहती है।

इसी तरह का एक और सरल प्रयोग कपूर और लौंग जलाने का है, जिसके बारे में हमने विस्तार से लिखा है।

रविवार को ईशान कोण में सरसों रखने की विधि क्या है?

Sarson ka khet — yellow mustard flowers in bloom (Wikimedia Commons)
A sarson field in full yellow bloom — the crop these seeds come from, before they ever reach the puja thali. Photo: Wikimedia Commons.

वास्तु मान्यता के अनुसार रविवार का दिन सरसों के उपाय के लिए विशेष माना गया है:

  • रविवार की सुबह स्नान के बाद कांच की एक कटोरी में पीली सरसों भरें।
  • इसे घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रख दें।
  • मान्यता है कि इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
  • हर रविवार कटोरी की सरसों बदलकर नई रखी जाती है; पुरानी सरसों को बहते पानी में प्रवाहित करने की परंपरा है।

नजर उतारने के लिए सरसों का प्रयोग कैसे करें?

Nazar utarne ke liye sarson — mustard seeds in a bowl (Wikimedia Commons)
A bowl of mustard seeds — for nazar utarna, the seeds are circled over the person and then burned or thrown away. Photo: Wikimedia Commons.

अगर घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार या परेशान चल रहा हो, तो लोक परंपरा में यह टोटका किया जाता है: हाथ में एक मुट्ठी पीली सरसों लेकर उस व्यक्ति के ऊपर से सात बार उल्टा घुमाएं (सिर से पैर की ओर, घड़ी की उल्टी दिशा में)। इसके बाद उस सरसों को घर से दूर फेंकने या जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नजर दोष और बुरा साया उतर जाता है।

इसी प्रकार भूत प्रेत बाधा दूर करने के घरेलू उपायों में भी सरसों का प्रयोग शामिल है।

मुख्य द्वार और पूजन स्थल पर सरसों कैसे रखें?

Puja sthal par diya — mukhya dwar aur pujan sthal par sarson (Wikimedia Commons)
A diya at the puja sthal — mustard seeds kept beside the lamp and the main door are part of the same protection routine. Photo: Wikimedia Commons.

घर की रक्षा के लिए दो प्रचलित विधियां हैं:

  • मुख्य द्वार पर: पीले कपड़े में सरसों के दाने बांधकर पोटली बनाएं और इसे मुख्य द्वार के ऊपर या बगल में टांग दें। मान्यता है कि यह बुरी नजर और पितृ दोष से रक्षा करती है।
  • पूजन स्थल पर: सरसों की एक छोटी पोटली बनाकर पूजन स्थान पर रख दें। मान्यता है कि भगवान के समक्ष रखने से घर में सकारात्मकता का संचार होता है।
  • नए घर में प्रवेश से पहले: घर के सारे कोनों में पीली सरसों का छिड़काव करें — मान्यता है कि इससे सकारात्मकता का प्रवाह होता है।

इन टोटकों में किन बातों का ध्यान रखें?

आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी है:

  • आग से सावधानी: कपूर और सरसों जलाते समय बच्चों और ज्वलनशील सामान से दूरी रखें। धुआं अधिक होने पर खिड़कियां खोल दें।
  • चिकित्सा का विकल्प नहीं: लंबे समय की बीमारी, मानसिक परेशानी या गंभीर समस्या में डॉक्टर से सलाह लें — टोटका इलाज नहीं है।
  • अंधविश्वास से बचें: अगर कोई “बाबा” या तांत्रिक सरसों के नाम पर भारी पैसे मांगे, तो वह ठगी हो सकती है।
  • किसी को डराएं नहीं: घर के बच्चों या बुजुर्गों में भूत-प्रेत का डर बैठाना हानिकारक हो सकता है।

टोटका और उद्देश्य: एक नजर में

टोटकाविधिमान्यता अनुसार उद्देश्य
कपूर + सरसों जलानाजलाकर पूरे घर में घुमाएंनकारात्मक ऊर्जा और बुरे साए से मुक्ति
ईशान कोण में कटोरीरविवार को कांच की कटोरी में सरसों रखेंसुख-शांति और समृद्धि
सात बार उल्टा घुमानासरसों हाथ में लेकर व्यक्ति के ऊपर से घुमाएंनजर दोष उतारना
पीली पोटलीपीले कपड़े में बांधकर द्वार/पूजन स्थल पर रखेंघर की रक्षा, पितृ दोष से मुक्ति
कोनों में छिड़कावनए घर में प्रवेश से पहले छिड़केंसकारात्मकता का प्रवाह

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीली सरसों के टोटके कैसे करें?

सबसे प्रचलित टोटका है कपूर के साथ पीली सरसों जलाकर पूरे घर में घुमाना। इसके अलावा रविवार को ईशान कोण में सरसों की कटोरी रखना और पीले कपड़े की पोटली मुख्य द्वार पर बांधना भी प्रचलित है।

क्या सरसों से नजर उतरती है?

लोक मान्यता में हां — हाथ में सरसों लेकर व्यक्ति के ऊपर से सात बार उल्टा घुमाकर नजर उतारने का टोटका पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह पारंपरिक विश्वास है, वैज्ञानिक तथ्य नहीं।

रविवार को सरसों क्यों रखते हैं?

वास्तु मान्यता में रविवार सूर्य का दिन है और ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) सकारात्मक ऊर्जा की दिशा मानी जाती है। इस संयोजन को घर में सुख-शांति के लिए शुभ माना गया है।

क्या ये टोटके वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं?

नहीं। इन टोटकों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ये वास्तु शास्त्र, तंत्र शास्त्र और लोक परंपराओं की मान्यताएं हैं। गंभीर समस्या में विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह ही सही रास्ता है।

क्या पीली सरसों सच में भूत भगाती है?

इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह वास्तु और लोक परंपराओं की आस्था-आधारित मान्यता है। कई लोग इसे करने के बाद मानसिक शांति महसूस करते हैं, जो आस्था और अनुष्ठान के मनोवैज्ञानिक प्रभाव से जुड़ा हो सकता है।

सरसों का टोटका करते समय कौन सा मंत्र जपें?

कोई एक निर्धारित मंत्र नहीं है। आमतौर पर हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र या “ॐ हं हनुमते नमः” जैसे रक्षा मंत्रों का जाप किया जाता है। हनुमान चालीसा के नियमों के बारे में यहां विस्तार से पढ़ें।

क्या काली सरसों से भी यही टोटके होते हैं?

परंपरा में विशेष रूप से पीली सरसों का ही उल्लेख है। पीले रंग को शुभता और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है, इसलिए टोटकों में पीली सरसों को प्राथमिकता दी जाती है।

घर में पिशाच बाधा के और क्या उपाय हैं?

घर में पिशाच बाधा दूर करने के सरल उपायों पर हमारा विस्तृत लेख पढ़ें, जिसमें कई पारंपरिक विधियों की जानकारी दी गई है।

विज्ञान की नजर में: क्या कहता है आधुनिक विज्ञान?

आधुनिक विज्ञान की नजर में भूत-प्रेत का कोई प्रमाण नहीं है — और सरसों के टोटकों पर कोई नियंत्रित अध्ययन नहीं हुआ है। मनोवैज्ञानिक इसे प्लेसबो और अनुष्ठान-प्रभाव से समझाते हैं: जब कोई व्यक्ति किसी क्रिया को पूरी श्रद्धा से करता है, तो उसका तनाव घटता है और घर “हल्का” महसूस होता है। सुगंध (कपूर-सरसों का धुआं) और दोहराव वाली क्रियाएं मस्तिष्क को शांत करती हैं — यह प्रभाव असली है, भले ही इसका कारण आस्था हो, अलौकिक शक्ति नहीं। हमारी स्थिति स्पष्ट है: ये टोटके सांस्कृतिक परंपरा हैं, चिकित्सा या सुरक्षा का विकल्प नहीं। अगर डर या परेशानी गंभीर हो, तो मनोवैज्ञानिक या डॉक्टर की सलाह लें।

और भूत प्रेत कथाएं

यह लेख पारंपरिक मान्यताओं और लोक परंपराओं को केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत करता है, सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं। यदि आप लगातार परेशानी महसूस करें तो कृपया किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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